हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्थित पवित्र ब्रह्मसरोवर शुक्रवार रात अचानक युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आया। पुरुषोत्तमपुरा बाग स्थित मां कात्यायनी मंदिर परिसर में विस्फोटों की गूंज, गोलियों की आवाज और चीख-पुकार से माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि यह कोई वास्तविक आतंकी घटना नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा आयोजित एक व्यापक और सघन मॉक ड्रिल थी।
मॉक ड्रिल के तहत यह परिदृश्य रचा गया कि हथियारों से लैस आतंकियों ने मंदिर परिसर में घुसकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं को बंधक बना लिया है। सुरक्षा कारणों से शाम की आरती के बाद ब्रह्मसरोवर क्षेत्र को खाली कराया गया, जिसके बाद यह अभ्यास शुरू हुआ।
सूचना मिलते ही NSG के ब्लैक कैट कमांडो पूरी रणनीति के साथ मौके पर पहुंचे और ऑपरेशन को अंजाम दिया। करीब दो से तीन घंटे तक चले इस अभ्यास में कमांडो ने आतंकियों को निष्क्रिय किया और बंधक बनाए गए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
थाना केयूके के प्रभारी विशाल ने बताया कि यह अभ्यास सुरक्षा तैयारियों का वास्तविक परीक्षण था। उन्होंने कहा कि पवित्र और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए इस तरह की मॉक ड्रिल बेहद जरूरी हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का अभ्यास मिलता है।
प्रशासन के अनुसार, इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था की खामियों की पहचान करना और आपात स्थिति में समन्वय को मजबूत करना है। फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और 24×7 निगरानी रखी जा रही है।




