चंडीगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन को और सरल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। अब वे विद्यार्थी जो नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते, उन्हें साल में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। साथ ही बोर्ड पाठ्य सामग्री और कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।
बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार ने बताया कि हरियाणा ओपन स्कूल का उद्देश्य उन विद्यार्थियों और लोगों को शिक्षा का अवसर देना है जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पाते। यह पहल साक्षरता अभियान का हिस्सा है और 1992 से राज्य में लागू है।
मुख्य बदलाव
• साल में दो बार परीक्षा: मई और दिसंबर में अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित होंगी।
• पाठ्य सामग्री उपलब्ध: विद्यार्थियों को सिलेबस के अनुसार सामग्री दी जाएगी ताकि वे आसानी से तैयारी कर सकें।
• 30 पीरियड का कंटेंट प्रोग्राम: स्टडी सेंटरों पर विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी।
• लैब सुविधा: विज्ञान विषय चुनने वाले विद्यार्थियों को प्रयोगशाला की सुविधा भी मिलेगी।
उद्देश्य
डॉ. कुमार ने कहा कि पहले ओपन स्कूल के विद्यार्थियों को रेगुलर छात्रों के समान प्रश्नपत्र दिए जाते थे, जिससे कठिनाई होती थी। अब व्यवस्था को इस तरह बदला जा रहा है कि ओपन स्कूल के विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिले और वे बिना किसी बाधा के 10वीं और 12वीं स्तर की योग्यता प्राप्त कर सकें।




