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आत्मनिर्भर भारत की दिशा में इलेक्ट्रिक व्हीकल सशक्त माध्यम: प्रो. सुनील ढींगरा

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इलेक्ट्रिक व्हीकल से प्रदूषण नियंत्रण संभव, जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महारैली का आयोजन

कुरुक्षेत्र, 16 दिसंबर।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में डॉ. राजीव मिश्रा द्वारा आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल महारैली का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर जोर दिया गया।

डीन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी एवं यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम हैं और इनके अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा निरंतर तकनीकी नवाचारों के माध्यम से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों को नियंत्रित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

प्रो. ढींगरा ने बताया कि यूआईईटी संस्थान इलेक्ट्रिकल एवं इंजीनियरिंग शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में इस विषय को लेकर जागरूकता और जिज्ञासा बढ़ा रहा है, ताकि समय के साथ बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल इसके प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आए हैं। ऐसी रैलियों से जन-जागरूकता बढ़ती है और लोगों में फैली भ्रांतियां दूर होती हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्माण होना प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक शुभ संकेत है। देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यूआईईटी के विद्यार्थी भी स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत को सशक्त बनाने में निरंतर प्रयासरत हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि भारतीय महा ईवी रैली सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की वर्तमान स्थिति पर प्रत्यक्ष जानकारी एकत्र कर रही है, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन 2047 के तहत भारत की स्थायी गतिशीलता की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के उद्देश्यों को भी सहयोग प्रदान कर रही है।

रैली के निदेशक डॉ. राजीव मिश्रा ने बताया कि यह इलेक्ट्रिक व्हीकल महारैली दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और चंडीगढ़ के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से होती हुई कुरुक्षेत्र स्थित यूआईईटी संस्थान पहुंची।

इस अवसर पर रामेंद्र दीक्षित, आमिर सिद्दीकी, महेंद्र, दिव्या गोयल, डॉ. राजेश अग्निहोत्री, डॉ. निखिल कुमार मारीवाला, डॉ. पवन दीवान, डॉ. रामावतार, डॉ. विजय, डॉ. विशाल अहलावत, अधीक्षक दीपक शर्मा, हरिकेश पपोसा, गगनदीप सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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