केयू में इन्फोसिस-कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीच उद्योग-शिक्षा संवाद, प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन
कुरुक्षेत्र, 16 दिसंबर।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में इन्फोसिस चंडीगढ़ द्वारा प्लेसमेंट कैंपस ड्राइव का आयोजन किया गया। इसके उपरांत उद्योग-शिक्षा संवाद सत्र (इंडस्ट्री-एकेडेमिया इंटरेक्शन सेशन) आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत कौशल आधारित शिक्षा और रोजगारपरक दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई।
संवाद सत्र को संबोधित करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एनईपी 2020 के लागू होने के बाद उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान तक सीमित न रहकर कौशल विकास, रोजगार योग्यता और स्वरोजगार की ओर केंद्रित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब सामान्य और स्नातक पाठ्यक्रमों में भी कौशल विकास अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, जबकि इंजीनियरिंग शिक्षा पहले से ही उद्योग की जरूरतों के अनुरूप ढल रही है।
प्रो. सचदेवा ने कहा कि नवाचार और तकनीकी प्रगति शिक्षा व्यवस्था को तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे टूल्स का उपयोग आज हर विषय के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कौशल बन गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से उद्योग-शिक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
यूआईईटी के निदेशक प्रो. सुनील ढींगरा ने बताया कि इन्फोसिस प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 113 विद्यार्थियों ने भाग लिया। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की चयन प्रक्रिया के बाद 13 विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया। उन्होंने बताया कि इस ड्राइव के अंतर्गत इन्फोसिस द्वारा अधिकतम 21 लाख रुपये वार्षिक पैकेज का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही संस्थान में ड्रोन टेक्नोलॉजी केंद्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, जिससे उभरती तकनीकों में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि संवाद सत्र के दौरान इन्फोसिस की ओर से प्रियाक्षी सैकिया (सीनियर एसोसिएट लीड रिक्रूटमेंट), सौरभ अग्रवाल (ग्रुप प्रोजेक्ट मैनेजर) और सौरभ (प्रोजेक्ट मैनेजर) ने ‘इन्फोसिस स्प्रिंगबोर्ड’ डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की जानकारी दी। उन्होंने इन्फोसिस और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। इन्फोसिस प्रतिनिधियों ने बताया कि एनईपी के तहत अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को छह माह की इंटर्नशिप प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें उद्योग का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।
इस अवसर पर प्रो. अनुरेखा शर्मा, प्रो. अश्विनी कुश, उप निदेशक जनसंपर्क डॉ. जिम्मी शर्मा, डॉ. निखिल, डॉ. संजीव आहूजा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




