कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) निकिता भारद्वाज ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण व हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 13 दिसंबर 2025 को स्थानीय न्यायिक परिसर में चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के शीघ्र, सौहार्दपूर्ण और आपसी सहमति से निपटारे के लिए लोक अदालतें अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही हैं। नागरिक अपने लंबित मामलों का निस्तारण स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से इस राष्ट्रीय लोक अदालत में करा सकते हैं।
सीजेएम निकिता भारद्वाज ने बताया कि लोक अदालतों में विवादों का समाधान आपसी सहमति, समझौते और राजीनामे के आधार पर कराया जाता है, जिससे न सिर्फ समय और धन की बचत होती है, बल्कि फैसले के खिलाफ अपील का भी कोई प्रावधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में सुनाए गए फैसलों की वैधता सामान्य अदालतों के फैसलों के बराबर मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में बैंक लोन से जुड़े मामले, मोटर एक्सीडेंट क्लेम, एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के केस, फौजदारी के सुलह योग्य मामले, रेवेन्यू विवाद और वैवाहिक मामले निपटाए जाएंगे। राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से समाज को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना लक्ष्य है, जहां किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान होता है।




