कुरुक्षेत्र स्थित हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ ‘श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर’ में रविवार को हरियाणा के राज्यपाल महामहिम प्रो. असीम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। शक्तिपीठ पहुंचने पर मंदिर सेवक मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र वालिया और टीम शक्तिपीठ ने जयकारों और पुष्प वर्षा के साथ दंपति का स्वागत किया।
मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा, चांदी का घोड़ा अर्पित
पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा के मार्गदर्शन में महामहिम दंपति ने पान-पत्तों, कमल पुष्प और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ देवीकूप पर विशेष पूजा की। महाभारत कालीन परंपरा का अनुसरण करते हुए राज्यपाल ने मां भद्रकाली को चांदी का घोड़ा अर्पित किया। इसके बाद उन्होंने गर्भगृह में षोडशोपचार विधि से मां भद्रकाली का पूजन किया और पंचमेवा, फल, दूध, दही, घी, इत्र, गुलाब जल, गंगाजल और नारियल का भोग लगाया।
मंदिर व्यवस्था देख प्रभावित हुए राज्यपाल
पूजा के बाद राज्यपाल ने माँ की कंजक शक्ति का पूजन किया और मंदिर परिसर की परिक्रमा कर महालक्ष्मी और महासरस्वती मंदिर में भी दर्शन किए। मंदिर की उत्कृष्ट व्यवस्था, भक्तिभावपूर्ण माहौल और पूजा विधि की प्रशंसा करते हुए उन्होंने विजिटर बुक में अपने अनुभव भी दर्ज किए। राज्यपाल ने कहा कि मंदिर की धार्मिक गरिमा और निर्मल वातावरण ने उन्हें भावुक कर दिया है।
महागौरव स्थल निर्माण हेतु 1 लाख रुपये का योगदान
पीठाध्यक्ष द्वारा मंदिर में ‘महागौरव स्थल’ के निर्माण और भविष्य की पूजा योजनाओं की जानकारी देने पर प्रभावित होकर महामहिम ने अपने निजी कोष से 1 लाख रुपये का दान दिया। उन्होंने प्राचीन त्रिशूल पर मन्नत का धागा भी बांधा।
राज्यपाल की धर्मपत्नी ने देशवासियों के लिए की मंगलकामना
राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष ने कहा कि उन्होंने मां भद्रकाली से हरियाणा, बंगाल और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की है। वे अपने साथ घर में पूजा हेतु मां भद्रकाली द्वारा पूर्व में धारण किए गए वस्त्र भी लेकर गईं।
पूजा-अर्चना के बाद राज्यपाल दंपति ने शक्तिपीठ टीम के साथ समूह फोटो भी खिंचवाया। इस अवसर पर नरेंद्र वालिया, डॉ. एम.के. मौदगिल, देवेंद्र गर्ग, सुनील वर्मा, प्रो. हेमराज शर्मा, डॉ. अन्नू पॉल शर्मा, स्नेहिल शर्मा, शकुंतला देवी, आशीष दीक्षित और ऋषि तोमर सहित कई सेवक उपस्थित रहे।




