कुरुक्षेत्र, 11 नवंबर (विशेष): पिहोवा के एक युवक को विदेशी डोंकरों ने बेलारूस में बंधक बना लिया है और परिवार से उसे छुड़ाने के लिए भारी रकम की फिरौती मांगी है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले एक एजेंट को करीब 9 लाख रुपये दिए थे ताकि युवक को इटली भेजा जा सके, लेकिन युवक बेलारूस पहुंचते ही धराशायी हो गया।
परिवार के मुताबिक, फौजी प्लॉट निवासी टैक्सी ड्राइवर मनोज कुमार के छोटे बेटे रोहित को एजेंट विजय शर्मा के ज़रिये यूरोप भेजने का वादा किया गया था। मनोज ने बताया कि वह एजेंट को 7 जुलाई को रोहित का पासपोर्ट दे चुके हैं और उसी दिन 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। सौदे के अनुसार कुल रकम 11 लाख रुपये थी और रोहित को एक महीने के भीतर इटली पहुंचाने का भरोसा मिला था।
परिवार के बयानों के अनुसार, 21 सितंबर को एजेंट ने रोहित को दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई भेजा और वहां से आगे की रवानगी के दौरान अतिरिक्त भुगतान की मांगें शुरू हो गईं। मनोज का कहना है कि दुबई पहुंचते ही एजेंट और उसकी पत्नी उनके घर आए और 5.50 लाख रुपये नकद लेकर चले गए। इसके बाद भी एजेंट ने आश्वासन दिया कि रोहित को जल्द इटली पहुंचा दिया जाएगा।
परिवार ने बताया कि बेलारूस पहुँचने के बाद डोंकरों ने रोहित को जंगलों में घेरकर बंधक बना लिया। डोंकरों ने युवक की पिटाई करते हुए वीडियो भेजकर परिवार से जल्द पैसे नहीं आने पर जान से मार देने की धमकी दी। एक वीडियो में डोंकर युवक के पेट पर लातें मारते दिखते हैं, जबकि रोहित की ओर से भेजे गए वीडियो में वह घरवालों से अपनी रिहाई की गुहार लगा रहा है। परिजन कहते हैं कि पिछले 15 दिनों से रोहित से कोई संपर्क नहीं हो पाया।
रोहित के बड़े भाई अमन ने परिवार की मदद के लिए डोंकर के अकाउंट में 400 डॉलर ट्रांसफर किए; परिवार का कहना है कि कल (रविवार) 900 डॉलर और ट्रांसफर किए गए। डोंकरों ने अतिरिक्त 300 डॉलर और मांगे हैं, जिसका परिवार प्रबंध करने की कोशिश कर रहा है।
मनोज ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत जिला एसपी कार्यालय में दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि एजेंट विजय शर्मा ने उनसे करीब 9 लाख रुपए लिए हैं और फिलहाल एजेंट अपने किराए के मकान में ही बैठा है। वहीँ, अमन ने डोंकर से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया है कि परिवार पैसे का इंतजाम कर रहा है और वे रोहित को नुकसान नहीं पहुँचाएंगे।
पुलिस द्वारा जांच और एजेंट व डोंकरों की पहचान पर अभी तक आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। परिवार ने प्रशासन और विदेश मंत्रालय से भी सहायता की गुहार लगाई है।




