फरीदाबाद। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा मारा है। यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे परिसर को घेरकर जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में भी तलाशी अभियान चलाया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल शकील नियमित रूप से तगा की मस्जिद में नमाज पढ़ने आते थे। पुलिस ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और नूंह से आए जमातियों से पूछताछ की। जांच में चार जमातियों की वॉट्सऐप चैट डिलीट पाई गई, जिसके बाद उन्हें शक के आधार पर हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, उड़ीसा और हरियाणा के हथीन क्षेत्र के लोग शामिल हैं।
इस मामले में अब तक तीन डॉक्टरों — डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील और लेडी डॉक्टर शाहीन शाहिद — को गिरफ्तार किया गया है। तीनों का संबंध फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है।
खबर है कि यह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों से मिली फंडिंग से स्थापित की गई थी। घटना के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा इलाके से बरामद विस्फोटक की साजिश “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” से जुड़ी हो सकती है। इस नेटवर्क में शिक्षित और समाज में प्रतिष्ठित लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि उन पर आसानी से शक न किया जा सके।




