भौर सैयदां प्रजनन केंद्र में सुरक्षित छोड़ा गया, आसपास नहर में दिखे कई छोटे मगरमच्छ
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में स्टेट हाईवे-6 (कुरुक्षेत्र-पिहोवा रोड) पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सड़क पर डेढ़ फुट लंबा मगरमच्छ का बच्चा घूमता नजर आया। गांव के कुछ युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए उस बच्चे को सुरक्षित पकड़कर भौर सैयदां स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ा।
पिहोवा के भौर सैयदां गांव के निवासी मनदीप कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह जब वह बाइक से गांव से पिहोवा की ओर जा रहा था, तभी उसकी नजर सड़क पर रेंगते एक मगरमच्छ के बच्चे पर पड़ी। वह सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था। मनदीप ने तुरंत बाइक रोकी और बच्चे को पकड़ लिया ताकि कोई वाहन उसे कुचल न दे। इसके बाद उसने मगरमच्छ को भूरिश्रवा मंदिर घाट से होते हुए केंद्र में छोड़ दिया।
केंद्र से नहीं भागा, नहर के गड्ढे से निकला
मनदीप के अनुसार, यह बच्चा केंद्र की जाली फांदकर नहीं निकला था, बल्कि गांव के बस अड्डे के पास नहर किनारे बने एक गड्ढे से बाहर आया था। उस गड्ढे में 7-8 मगरमच्छ के बच्चे और देखे गए हैं जो दिन में धूप सेंकने के लिए बाहर निकलते हैं। मगरमच्छ के डर से ग्रामीण गड्ढे के पास जाने से भी कतराते हैं।
SYL नहर में पहले भी दिखे मगरमच्छ
बताया जा रहा है कि इसी महीने 14 अक्टूबर को बचगांव के पास SYL नहर किनारे 10 फुट लंबा मगरमच्छ देखा गया था। ग्रामीणों ने इसकी वीडियो बनाकर वाइल्ड लाइफ विभाग को भेजी थी, लेकिन अब तक उसे पकड़ा नहीं जा सका। पिछले महीने ज्योतिसर क्षेत्र में 5 फुट लंबा मगरमच्छ पकड़ा गया था।
अब तक 26 मगरमच्छ पकड़ चुके गोताखोर
गोताखोर प्रगट सिंह के अनुसार, वे अब तक 25 से अधिक मगरमच्छ पकड़ चुके हैं। ठंड का मौसम शुरू होने से मगरमच्छ पानी से बाहर धूप सेंकने के लिए निकलते हैं, जिससे उनके दिखने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वर्तमान में SYL नहर किनारे देखे गए विशाल मगरमच्छ को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
वाइल्ड लाइफ विभाग करेगा रेस्क्यू
वाइल्ड लाइफ विभाग के कर्मचारी सुभाष दुल ने बताया कि गांव में मगरमच्छों के गड्ढे से बाहर आने की सूचना मिली है। विभाग जल्द ही वहां रेस्क्यू अभियान चलाएगा। उन्होंने बताया कि गड्ढे में जलकुंभी और पेड़ों की टहनियां होने से जाल लगाने में कठिनाई आ रही है।
उत्तर भारत का एकमात्र मगरमच्छ प्रजनन केंद्र
भौर सैयदां स्थित मगरमच्छ प्रजनन केंद्र उत्तर भारत का एकमात्र केंद्र है। यहां फिलहाल 40 से अधिक छोटे-बड़े मगरमच्छ हैं। यह केंद्र वाइल्ड लाइफ विभाग के अधीन संचालित होता है। कुरुक्षेत्र क्षेत्र में भाखड़ा व SYL नहर के आसपास भी कई मगरमच्छों के दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।




