स्वामी ज्ञानानंद महाराज बोले — राम हमारी सनातन पहचान और मर्यादा हैं
कुरुक्षेत्र: गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में गीता ज्ञान संस्थानम् में दीपावली पर्व श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक आभा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिसर में 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे पूरा संस्थानम् जगमगा उठा और दीपों की अद्भुत छटा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और श्रीकृपा बिहारी मंदिर में दर्शन कर दीप जलाए। भक्तों ने दीपों से सजी सुंदर झिलमिल रोशनी का आनंद लिया और स्वामी ज्ञानानंद महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
“राम अस्मिता, संस्कृति और संस्कार के प्रतीक हैं” — स्वामी ज्ञानानंद
दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि दीपावली का पावन पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा —
“राम हमारी अस्मिता हैं, राम हमारी सनातन पहचान हैं।
राम मर्यादा हैं, उच्च विचार हैं, संस्कृति और संस्कार हैं।
जब घर-घर में राम आएंगे तो सद्भावना खिलखिलाएगी,
समाज में राम आएंगे तो समरसता मुस्कुराएगी,
और जब राष्ट्र के कण-कण में राम आएंगे तो भारत पुनः विश्वगुरु के रूप में जगमगाएगा।”
उन्होंने सभी से दीपावली पर खुशियों और खुशहाली के दीप जलाने का आह्वान किया ताकि समाज में प्रेम, शांति और सद्भावना का प्रकाश फैले।
भव्य दीपोत्सव का अद्भुत नजारा
संस्थानम् परिसर में दीपों की पंक्तियाँ, रोशनी की झिलमिलाहट और भक्ति संगीत की गूंज से पूरा वातावरण दिव्य बन गया। श्रद्धालु परिवारों के साथ दीप जलाते दिखाई दिए और कई श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत दृश्य को कैमरे में कैद किया।




