इंसाइट न्यूज 24, यमुनानगर : यमुना ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, गधौली में शनिवार को साइबर थाना पुलिस की टीम ने “साइबर जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एनसीसी के छात्र-छात्राओं और संस्थान के स्टाफ को साइबर अपराध से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन थाना प्रबंधक सतीश कुमार के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर एनसीसी कैप्टन श्रीमती गीता, सूबेदार मेजर जसवंत सिंह, सूबेदार कमलजीत सिंह सहित जिला पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एएसआई बलदेव सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराधी आजकल ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि अपने बैंक खाते या एटीएम से जुड़ी कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। एटीएम पिन समय-समय पर बदलते रहें और कोई भी ऐसा पासवर्ड न रखें जो आसानी से अनुमान लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि बैंक कभी भी फोन पर ग्राहक से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी या केवाईसी डिटेल नहीं मांगते। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक कर्मचारी बताकर ऐसी जानकारी मांगता है, तो तुरंत उससे संपर्क बंद करें और शिकायत दर्ज करवाएं।
एएसआई बलदेव सिंह ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि साइबर अपराधी इन माध्यमों का भी दुरुपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस युग में केवल जानकारी और सावधानी ही साइबर अपराध से सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (https://www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें।




