इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र : पिहोवा में हुए रुमल मलिकपुर हत्याकांड के पांच दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान देवी प्रसन उर्फ दीपक उर्फ सेठी (इस्माइलाबाद), अजय उर्फ काला उर्फ गांधी (कंगवाल, अंबाला) और आर्यन उर्फ बलैकिया (ठोल) के रूप में हुई है।
क्या हुआ था उस रात?
3 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे रुमल मलिकपुर अपने साथी राम विश्वास (सीतामढ़ी, बिहार) के साथ खाना लेकर बाइक से पिहोवा अनाज मंडी लौट रहा था। इसी दौरान भट्ट माजरा और टीकरी गांव के बीच संधु फॉर्म के पास चार युवकों ने उनकी बाइक रोककर रुमल पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में रुमल की आंतें और लिवर बाहर आ गए और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सिर्फ साइड देने को लेकर हुआ विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि रुमल की आरोपियों से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। विवाद सिर्फ बाइक को साइड देने को लेकर हुआ था। हमलावरों ने सिर्फ रुमल को निशाना बनाया, उसके साथी राम विश्वास को कुछ नहीं कहा।
परिजनों का विरोध और मंत्री का आश्वासन
घटना के अगले दिन गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने हिसार-चंडीगढ़ हाईवे-152 पर मलिकपुर गांव के बस अड्डे पर जाम लगा दिया। DSP निर्मल सिंह के समझाने और बुधवार तक गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद जाम खोला गया। 6 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने रुमल के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता देने का वादा किया।
परिवार का दर्द और पुलिस की कार्रवाई
रुमल अपने परिवार के छह सदस्यों—मां, पत्नी और चार बच्चों—का इकलौता सहारा था। परिवार अभी तक यह समझ नहीं पा रहा है कि रुमल की हत्या क्यों और किसने की। SHO जगदीश कुमार ने बताया कि सीआईए-वन और थाना सदर पिहोवा की टीम मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।




