इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 5 सितंबर : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को डॉ. बीआर आंबेडकर लॉ कॉलेज में पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर) पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्राओं को इस तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीतेश कुमार पंडा ने की। उन्होंने कहा कि असंतुलित खानपान, फास्ट फूड की आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी युवतियों में पीसीओडी के मामलों को बढ़ा रही हैं। “यह समस्या न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है,” उन्होंने कहा। उन्होंने छात्राओं को संतुलित आहार लेने और योग व व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।
प्रो. सुनीति तंवर ने बताया कि पीसीओडी और पीसीओएस हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी समस्याएं हैं, जो महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव को इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका बताया।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीआर जिलोवा ने विश्वविद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम भविष्य की गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।”
कार्यक्रम में डॉ. प्रियंका दड़क, डॉ. सुनीता यादव, डॉ. ममता, डॉ. रवि, और डॉ. कोमल समेत कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। उन्होंने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव साझा किए।




