इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 5 सितंबर : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा दो दिवसीय षट्कर्म कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने उद्घाटन करते हुए कहा, “योगिक संकल्प तभी सार्थक होते हैं जब उन्हें व्यवहार में उतारा जाए। षट्कर्म क्रियाएं शरीर और मन की गहराई से शुद्धि करती हैं।”
कार्यशाला में जल नेती, कुंजल क्रिया और त्राटक जैसी शुद्धि विधियों का अभ्यास कराया गया। योग विभागाध्यक्ष प्रो. शीतल एस. महाडिक ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा में सही आहार, योग और शुद्धि क्रियाओं का संयोजन व्यक्ति को समग्र रूप से स्वस्थ रखने में सहायक होता है।
आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगल ने कहा कि “प्रदूषण और तनाव से उपजी बीमारियों के दौर में जल नेती जैसी सरल क्रिया भी श्वसन रोगों में राहत देती है।” कार्यशाला में संतुलित आहार शैली पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इस अवसर पर प्रो. सीमा रानी, योगेंद्र कुमार, प्रो. रविराज, प्रो. रविंद्र अरोड़ा सहित कई शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।




