इंसाइट न्यूज 24: जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही तेज़ बरसात की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थितियाँ बन गईं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
सबसे ज़्यादा असर वैष्णो देवी तीर्थ मार्ग और किश्तवाड़ इलाके में देखने को मिला है। यहाँ अचानक भूस्खलन होने से सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालना पड़ा। बचाव दल सेना और एनडीआरएफ की मदद से लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, जिससे आस-पास के गाँवों में पानी भर गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात की तीव्रता ने बीते कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं, सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवज़े और प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है।
यह घटना न केवल प्राकृतिक आपदा की मार को दिखाती है, बल्कि आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को भी उजागर करती है।




