इंसाइट न्यूज 24: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के आधार कार्ड से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है। अब एक ही जन्म प्रमाण-पत्र (Birth Certificate) के आधार पर दो अलग-अलग बाल आधार (Baal Aadhaar) बनवाना संभव नहीं होगा। यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने और पहचान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बातें:
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एक बच्चा – एक आधार: किसी भी बच्चे के लिए सिर्फ एक ही आधार जारी किया जाएगा।
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सुरक्षा सख़्त: मृत व्यक्तियों के आधार को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया भी और मज़बूत की गई है, ताकि किसी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।
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दस्तावेज़ों की जाँच: अब जन्म प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ों की डिजिटल जांच अधिक कठोर तरीके से होगी।
क्यों ज़रूरी था यह बदलाव?
पिछले कुछ समय से यह देखा गया था कि एक ही जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर बच्चों के लिए दो आधार कार्ड बनवाए जा रहे थे, जिससे सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और धोखाधड़ी की संभावना बढ़ रही थी। नया नियम इस समस्या को रोकने में मदद करेगा।
असर क्या होगा?
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माता-पिता को अब आवेदन करते समय दस्तावेज़ों की सटीकता और एकरूपता का विशेष ध्यान रखना होगा।
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भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य योजनाओं और सरकारी सुविधाओं में आधार का उपयोग और सुरक्षित तथा पारदर्शी बनेगा।




