इंसाइट न्यूज 24: भारत की समुद्री सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जर्मनी के साथ हुए समझौते के तहत भारतीय नौसेना को छह नई अत्याधुनिक पनडुब्बियाँ मिलने जा रही हैं। यह सौदा लगभग 70,000 करोड़ रुपये का है और इसे प्रोजेक्ट 75 (I) नाम दिया गया है।
इस समझौते की प्रमुख बातें
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पनडुब्बियाँ नवीनतम तकनीक से लैस होंगी और लंबे समय तक समुद्र की गहराई में काम करने में सक्षम होंगी।
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इनमें एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे इन्हें बार-बार सतह पर आने की आवश्यकता नहीं होगी।
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निर्माण का बड़ा हिस्सा मुंबई स्थित मज़गांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में किया जाएगा, जिससे देशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
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जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) इस परियोजना की मुख्य तकनीकी साझेदार होगी।
भारत के लिए लाभ
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हिंद महासागर क्षेत्र में चीन सहित अन्य देशों की बढ़ती समुद्री गतिविधियों का संतुलन साधने में मदद मिलेगी।
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नौसेना की निगरानी और जवाबी कार्रवाई की क्षमता कई गुना बढ़ेगी।
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“मेक इन इंडिया” पहल को बल मिलेगा और देश में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
यह सौदा भारत की नौसेना को और मज़बूत बनाकर समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।




