इंसाइट न्यूज 24 : भारत की रक्षा क्षमताओं को और मज़बूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी सफरान (Safran) मिलकर पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान के लिए इंजन तैयार करेंगे।
इस परियोजना को लेकर दोनों देशों के बीच औपचारिक समझौता हो चुका है। इसका मकसद है कि आने वाले वर्षों में भारत अपने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के लिए पूरी तरह घरेलू तकनीक पर आधारित इंजन तैयार कर सके। यह पहल “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का भी अहम हिस्सा मानी जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस साझेदारी से भारत को न केवल अत्याधुनिक तकनीक मिलेगी, बल्कि घरेलू उद्योग और इंजीनियरों को भी बड़ा लाभ होगा। अब तक भारत को उन्नत इंजन तकनीक के लिए विदेशी देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस सहयोग से यह स्थिति बदल जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संयुक्त प्रयास से भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। खासकर भविष्य में बनने वाले स्टील्थ फाइटर जेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी आधुनिक विमान से टक्कर लेने में सक्षम होंगे।




