इंसाइट न्यूज 24: रूस ने भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र में गहरे और दीर्घकालिक सहयोग की इच्छा ज़ाहिर की है। मॉस्को में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बयान दिया कि आने वाले वर्षों में दोनों देश तेल और गैस आपूर्ति, ऊर्जा उत्पादन और नई तकनीकों के आदान-प्रदान में साझेदारी को और मज़बूत करेंगे।
भारत पहले से ही रूस से कच्चा तेल और गैस आयात करता है, लेकिन अब बातचीत इस सहयोग को बड़े पैमाने तक ले जाने की है—जिसमें परिष्कृत तेल उत्पाद, ऊर्जा अवसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ भी शामिल हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बल देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर रूस-भारत संबंधों को एक नई दिशा भी देगा। पश्चिमी देशों के साथ रूस के तनावपूर्ण रिश्तों के बीच यह सहयोग भारत को स्थिर ऊर्जा आपूर्ति और सस्ते दामों का लाभ पहुँचा सकता है।
कुल मिलाकर, यह पहल दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।




