इंसाइट न्यूज 24, चंडीगढ़, 20 अगस्त — हरियाणा में पिछले एक दशक से चुनावी मैदान से दूर रहे 15 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन दलों से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है, अन्यथा उनका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि सभी दलों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 2 से 3 सितंबर के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय में अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। यदि कोई दल 28 अगस्त तक अपना पक्ष नहीं रखता, तो माना जाएगा कि उनके पास कहने को कुछ नहीं है।
जुलाई में भी जारी हुआ था नोटिस:
इससे पहले जुलाई में 21 गैर मान्यता प्राप्त दलों को नोटिस भेजा गया था, जिनमें से केवल छह ने ही आवश्यक दस्तावेज जमा कराए। शेष 15 दलों को अब दोबारा नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस पाने वाले प्रमुख दल:
• अपना राज फ्रंट, हरियाणा स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी (झज्जर)
• भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल, भारतीय जन हित विकास पार्टी, गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी, हिंद समदर्शी पार्टी, कर्मा पार्टी, मेरा गांव मेरा देश पार्टी (गुड़गांव)
• नेशनल जनहित कांग्रेस (एबी), समरस समाज पार्टी, टोटल विकास पार्टी (गुड़गांव)
• जनता उदय पार्टी, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी (फरीदाबाद)
• राष्ट्रीय आर्य राज सभा, सेवा दल (रोहतक)
• लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल (सोनीपत)
• हरियाणा कान्ति दल (कुरुक्षेत्र), राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी (करनाल), सुशासन पार्टी (भिवानी)
क्या है आयोग की चिंता:
चुनाव आयोग का कहना है कि लंबे समय तक चुनाव में भाग न लेने वाले दलों की सक्रियता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। ऐसे दलों का पंजीकरण बनाए रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ न्याय नहीं है।




