इंसाइट न्यूज 24 ,जींद, 18 अगस्त — भिवानी की बेटी मनीषा के लिए न्याय की मांग करते हुए सोमवार को जींद की सड़कों पर सैकड़ों कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राएं उतर आए। यह प्रदर्शन किसी संगठन के बैनर तले नहीं था, बल्कि युवाओं की आत्मिक पीड़ा और न्याय की पुकार थी।
सुबह से ही नेहरू पार्क में जुटे युवाओं ने बूंदाबांदी के बीच गोहाना रोड तक मार्च किया। हाथों में तख्तियां थीं—“मनीषा को इंसाफ दो”, “कातिलों को फांसी दो”—और नारों में गूंज थी सरकार की निष्क्रियता के खिलाफ। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे खोखले लगते हैं जब बेटियों की सुरक्षा ही सवालों के घेरे में हो।

युवाओं ने आरोप लगाया कि भिवानी पुलिस अब तक मनीषा के हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है, जिससे आमजन का भरोसा पुलिस व्यवस्था से डगमगाने लगा है। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा उसी मार्ग स्थित विश्रामगृह में मौजूद थे, लेकिन कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
प्रमुख मांगें:
• मनीषा के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी
• फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और फांसी की सजा
• महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति और कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि निर्भया कांड के बाद सरकारों ने वादे तो किए, लेकिन ज़मीनी स्तर पर बदलाव नहीं दिखा। “हर दिन बेटियों के साथ अपराध हो रहे हैं, और हम सिर्फ मोमबत्तियां जलाते रह जाते हैं,” एक छात्रा ने कहा।




