सीआईए-1 और सीआईए-2 की संयुक्त कार्रवाई से खुलासा, परिवार के साथ मिलकर खुद ही रची थी फर्जी लूट की साजिश
यमुनानगर।
छछरौली क्षेत्र में 20 लाख रुपये की कथित लूट की गुत्थी को अपराध शाखा-1 और 2 की टीमों ने सुलझा लिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह लूट की घटना पूरी तरह फर्जी थी, जिसे खुद शिकायतकर्ता ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर रचा था।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए अपराध शाखा-1 और 2 की टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 23 दिसंबर को हुई इस वारदात का पर्दाफाश किया। शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल, जो राइस मिल और पेट्रोल पंप का मालिक है, ने अपने ड्राइवर सन्नी, सेल्समैन प्रदीप, सोनू और सुशील के साथ मिलकर इस फर्जी लूट की योजना बनाई थी।
आरोपी ने यह साजिश अपने परिवार से 20 लाख रुपये गबन करने के उद्देश्य से रची थी।
पुलिस के अनुसार, आशीष अग्रवाल ने 23 अक्टूबर को शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह अपने ड्राइवर सन्नी वालिया के साथ कार में 20 लाख रुपये लेकर जीरकपुर जा रहा था। रास्ते में छछरौली पौंटा साहिब रोड पर महादेव ढाबा के पास नकाबपोश युवकों ने उसकी कार रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
शिकायत के आधार पर थाना छछरौली में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अपराध शाखा की टीमों ने तकनीकी और गोपनीय सुरागों के आधार पर जब गहराई से पड़ताल की, तो सामने आया कि शिकायतकर्ता ने खुद ही अपने कर्मचारियों के साथ यह फर्जी लूट की वारदात रची थी।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर 20 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।




