हिसार जिले के गांव खरक पुनिया में शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम बीजेपी प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया के नेतृत्व में पूनिया खाप की ओर से किया गया, जिसकी अध्यक्षता हरियाणा भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने की।
मंच पर पहुंचते ही सीएम सैनी का जोरदार स्वागत किया गया। खाप प्रतिनिधियों ने उनके सिर पर पगड़ी बांधकर सम्मानित किया और बाढ़ देव पूनिया की चांदी की प्रतिमा भेंट की। समारोह में सीएम को सर्वजातीय खाप की ओर से ‘हरियाणा रत्न’ सम्मान प्रदान किया गया।
वरिष्ठ मंत्री और हजारों लोग हुए शामिल
कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा, रणबीर गंगवा, कृष्ण बेदी, विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता और डीपी वत्स सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। प्रदेशभर के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान से भी पूनिया खाप के हजारों लोग पहुंचे।
समारोह में खाप की ओर से मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें गांव खरक पूनिया में सामुदायिक केंद्र व आधुनिक पुस्तकालय निर्माण की मांग रखी गई।
“अब हरियाणा का सीएम एक जाति का नहीं, पूरी कौम का” – सतीश पूनिया
भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि पहले हरियाणा का मुख्यमंत्री एक जाति तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब सीएम पूरे समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सुरेंद्र पूनिया को बधाई दी और कहा कि दादा बाढ़ देव पूनिया को याद करने का इससे बड़ा अवसर नहीं हो सकता था।
उन्होंने किसानों, जवानों और खिलाड़ियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि हरियाणा की धरती ने देश को हमेशा स्वाभिमान, पराक्रम और शौर्य की सीख दी है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने पढ़ा स्वागत भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री रणबीर गंगवा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अपने बरवाला हल्के में ऐसे भव्य आयोजन के लिए खाप प्रतिनिधियों का आभार जताया। गंगवा ने कहा कि खाप की ओर से जो भी मांगें रखी जाएंगी, उन्हें पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज में भाईचारा बढ़ाने का कार्य करेगा।
दादा बाढ़ देव पूनिया के जन्मोत्सव पर आयोजित समारोह
बीजेपी प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि यह आयोजन दादा बाढ़ देव पूनिया के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में किया गया है। वे बाड़मेर और झांसल गणराज्य के संस्थापक माने जाते हैं। खाप समाज में उनकी न्यायप्रियता, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की मिसाल आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम के लिए गांव में रैली, सभा स्थल और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति से आयोजन भव्य रूप ले सका।




