इंसाइट न्यूज 24, चंडीगढ़ — हरियाणा सरकार ने अपनी बहुचर्चित ई-अधिगम योजना के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को वितरित किए गए टैबलेट वापस लेने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने स्पष्ट किया कि यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया है, क्योंकि टैबलेट के दुरुपयोग की लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।
शिकायतों का आधार:
कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने करीब 620 करोड़ रुपये की लागत से पांच लाख छात्रों को मुफ्त टैबलेट और 2GB डेटा उपलब्ध कराया था। लेकिन हाल के महीनों में अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिकायत की कि छात्र इन उपकरणों का उपयोग पढ़ाई के बजाय गेम, फिल्म और आपत्तिजनक वेबसाइट्स देखने में कर रहे हैं।
छात्रों की स्वीकारोक्ति:
कई छात्रों ने भी माना कि टैबलेट मिलने के बाद उनकी पढ़ाई में रुचि कम हुई है, जिससे शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ गई। इसी के चलते सरकार ने फिलहाल टैबलेट वितरण को रोक दिया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में होगा उपयोग:
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि टैबलेट पूरी तरह बंद नहीं किए जाएंगे। अब इनका उपयोग विशेष प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक आयोजनों में किया जाएगा। राज्य बजट में घोषित मैथ ओलंपियाड से टैबलेट को जोड़ा जा सकता है। साथ ही, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और लोक सेवा आयोग (HPSC) को पत्र भेजकर पूछा जाएगा कि क्या वे अपने एग्जाम में टैबलेट का उपयोग करना चाहेंगे।
शिक्षा मंत्री का बयान:
महिपाल सिंह ढांडा ने कहा, “हम तकनीक के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उसका सदुपयोग होना जरूरी है। टैबलेट अब केवल उन्हीं क्षेत्रों में इस्तेमाल होंगे, जहां उनका नियंत्रित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।”




