हरियाणा में कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने 21 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी के आरोप में एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के प्रमोटर और मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विस्तृत वित्तीय जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद की गई।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों, नकली बिलों और गलत लेखा-जोखा के जरिए सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया। लंबे समय से संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद विभाग ने ठोस सबूत जुटाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए कई लेन-देन को वैध दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा से सच्चाई सामने आ गई। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कर चोरी में और कौन-कौन शामिल है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जीएसटी चोरी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।




