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हरियाणा में बिजली दरों में बदलाव की तैयारी, नए वित्तीय वर्ष से असर संभव

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अगले वित्तीय वर्ष के लिए टैरिफ संशोधन की प्रक्रिया शुरू

हरियाणा में बिजली की दरों को लेकर नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य की विद्युत नियामक संस्था द्वारा बिजली वितरण कंपनियों से आगामी वर्ष की लागत और आय से जुड़ा ब्योरा मांगा गया है, जिसके आधार पर नई दरों पर विचार किया जाएगा।

इन जिलों के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है सीधा असर

प्रस्तावित बदलाव का असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, पानीपत और यमुनानगर जैसे प्रमुख जिलों के उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक कनेक्शन लेने वालों के बिजली बिल में भी बदलाव संभव है।

बिजली कंपनियों ने बताई दर बढ़ाने की वजह

बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि बिजली खरीद, ट्रांसमिशन, रखरखाव और नेटवर्क विस्तार की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए टैरिफ में संशोधन जरूरी हो गया है। कंपनियों ने घाटे की भरपाई और सेवा सुधार को भी इसकी प्रमुख वजह बताया है।

उपभोक्ताओं में बढ़ी चिंता

बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी की खबर से आम उपभोक्ताओं में चिंता देखी जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को मासिक खर्च बढ़ने का डर है, जबकि छोटे उद्योग और व्यापारी वर्ग पर इसका सीधा आर्थिक असर पड़ सकता है।

सार्वजनिक सुनवाई के बाद होगा अंतिम फैसला

बिजली दरों में बदलाव को लेकर नियामक आयोग द्वारा उपभोक्ताओं और संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी पक्षों की राय और आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि संशोधन को मंजूरी मिलती है, तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकती हैं।

बिजली बचत पर जोर देने की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को ऊर्जा-सक्षम उपकरणों का उपयोग करना चाहिए और अनावश्यक बिजली खपत से बचना चाहिए, ताकि संभावित दर वृद्धि का असर कम किया जा सके।

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