इंसाइट न्यूज 24 : हरियाणा में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यमुना नदी का जलस्तर भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन अब घग्गर और मारकंडा नदियों का उफान नए खतरे खड़े कर रहा है। कई तटबंध टूटने से आसपास के गांव जलमग्न हो गए हैं और किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं।
प्रशासन और राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। गांव-गांव से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी अचानक बढ़ने से उन्हें अपना सामान और पशुधन बचाने का भी मौका नहीं मिल पाया।
कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस बाढ़ से सैकड़ों एकड़ धान और कपास की फसल बर्बाद हो सकती है। किसानों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा होना तय है।
सरकार ने प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया है, लेकिन हालात अभी भी काबू से बाहर दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग राहत शिविरों और अस्थायी ठिकानों में शरण लेने को मजबूर हैं।
यह हालात स्पष्ट करते हैं कि हरियाणा का बाढ़ संकट केवल प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानवीय आपदा भी बन चुका है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं।




