इंसाइट न्यूज 24,हरियाणा: हरियाणा पुलिस ने हाल ही में ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव शुरू की है। इस प्रक्रिया में कांस्टेबल और निचले रैंक के पुलिसकर्मियों से उनकी जाति की जानकारी भरने को कहा गया है। यह शर्त सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
कई संगठनों और कर्मियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ट्रांसफर प्रक्रिया को जाति से जोड़ना न केवल असंवेदनशील है बल्कि पारदर्शिता और समान अवसर की भावना के खिलाफ भी है।
सूत्रों का कहना है कि विभाग का तर्क यह है कि आरक्षण नीति और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह जानकारी मांगी जा रही है। मगर आलोचकों का मानना है कि इससे कर्मचारियों में भेदभाव और असंतोष की स्थिति पैदा हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
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ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में जाति भरना अनिवार्य किया गया।
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कर्मचारियों और यूनियनों ने उठाए आपत्ति के स्वर।
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सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना – “यह सिर्फ प्रशासनिक डेटा है।”
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मानवाधिकार व सामाजिक संगठन बोले – “ट्रांसफर में जाति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।”
निष्कर्ष
यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है, ताकि पुलिस बल के भीतर असंतोष न फैले।




