इंसाइट न्यूज 24, चंडीगढ़, 30 अगस्त : सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने अमेरिकी टैरिफ और केंद्र सरकार की नीतिगत कमजोरी को हरियाणा के उद्योगों के लिए “भयंकर चोट” बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी, तो राज्य में बेरोजगारी का विकराल संकट खड़ा हो सकता है।
हुड्डा ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने से पानीपत का कपड़ा उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। हर साल करीब ₹12,000 करोड़ का निर्यात करने वाले इस क्षेत्र में क्रिसमस सीजन के ₹1,500 करोड़ के ऑर्डर अटक गए हैं, जिससे हजारों कामगारों की आजीविका खतरे में है।
हुड्डा ने मांग की कि सरकार को विशेष सब्सिडी, कर छूट, और निर्यातकों के लिए आपात राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ का सीधा फायदा पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों को मिलेगा।
📉 अन्य प्रभावित उद्योग:
• रोहतक: नट-बोल्ट इंडस्ट्री को ₹4,000 करोड़ का नुकसान
• अंबाला: साइंटिफिक इक्विपमेंट्स एक्सपोर्ट में ₹600 करोड़ की गिरावट
• करनाल: बासमती निर्यात पर असर
हुड्डा ने सरकार की विदेश व्यापार नीति और कूटनीतिक विफलता को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हरियाणा के उद्योग अब वैश्विक बाजार में असुरक्षित हो गए हैं। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो राज्य का औद्योगिक ढांचा चरमरा सकता है।




