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हरियाणा के अधिकारों पर केंद्र की अनदेखी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से पूछे 5 सवाल

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हरियाणा के मुद्दों को लेकर कांग्रेस के लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को यह जानने का हक है कि हरियाणा के हितों को किस तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से हरियाणा को नुकसान हो रहा है, जबकि राज्य सरकार इस पर मौन साधे हुए है।

हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार या तो केंद्र के दबाव में है या फिर अपने राजनीतिक नेतृत्व को खुश करने में लगी हुई है, इसी वजह से प्रदेश के अधिकारों की प्रभावी पैरवी नहीं हो पा रही।

पानी और राजधानी को लेकर सवाल
उन्होंने पहला मुद्दा पानी और राजधानी से जुड़ा उठाया। हुड्डा ने कहा कि SYL नहर से जुड़े फैसले पर सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है। राजधानी चंडीगढ़ होने के बावजूद हरियाणा वहां अपनी विधानसभा का निर्माण तक नहीं कर पा रहा है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का बाहर जाना
दूसरे उदाहरण में उन्होंने कहा कि अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हरियाणा से बाहर स्थानांतरित किए जा रहे हैं। महम में प्रस्तावित एयरपोर्ट को नोएडा भेज दिया गया। इसके अलावा, 11 वर्षों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद हरियाणा में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार नहीं हो सका और दूरदर्शन केंद्र को हिसार से हटा दिया गया।

नौकरियों में बाहरी युवाओं को प्राथमिकता
हुड्डा ने आरोप लगाया कि ग्रुप A और B की नौकरियों में प्रदेश के युवाओं की बजाय बाहर के उम्मीदवारों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर भी बाहरी नियुक्तियां की जा रही हैं।

ज्यादा कलेक्शन, कम बजट
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में GST और टोल टैक्स का बड़ा हिस्सा हरियाणा से आता है, लेकिन इसके अनुपात में केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को बजट में कम हिस्सेदारी दी जाती है।

खेलों में योगदान, फिर भी उपेक्षा
पांचवें मुद्दे के रूप में हुड्डा ने खेलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए हरियाणा पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि 2006 से ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले लगभग 25 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से रहे हैं और देश को मिले करीब 50 प्रतिशत पदक प्रदेश के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं, फिर भी खेल बजट में हरियाणा को अपेक्षित महत्व नहीं मिलता।

स्टेडियमों की बदहाल स्थिति पर चिंता
हुड्डा ने प्रदेश के खेल स्टेडियमों की जर्जर हालत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई स्टेडियम खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो चुके हैं और 2019 के बाद इन पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों में हरियाणा को भी न्यायोचित रूप से शामिल किया जाए।

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