युवा पीढ़ी को संस्कृति से परिचित कराने का हरियाणा पैवेलियन का प्रयास सराहनीय – मनोहर लाल
कुरुक्षेत्र, 29 नवंबर।
देश के ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की संस्कृति, सभ्यता, रीति-रिवाज, परंपराएं, रहन-सहन और वेशभूषा अत्यंत समृद्ध हैं और इनका कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में बनाया गया हरियाणा पैवेलियन युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय प्रयास है। इसके लिए विश्वविद्यालय बधाई का पात्र है।
हरियाणा पैवेलियन का अवलोकन करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि यहां आकर उन्हें अपनी समृद्ध लोक संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि हरियाणा वही पवित्र भूमि है जहां वेदों की रचना हुई और भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का अमर संदेश दिया। गीता में हर समस्या का समाधान है और इसे पढ़ने-सुनने से मन का विषाद दूर होता है।
पैवेलियन पहुंचने पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. हरविंद्र राणा ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सबसे पहले हरियाणा की गरिमा का प्रतीक पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने पैवेलियन में लगे सभी स्टॉलों का अवलोकन किया। विश्व के सबसे बड़े हुक्के और दूध बलौती महिला की झांकी देखकर उन्होंने कहा कि हरियाणा का रहन-सहन और खान-पान अद्वितीय और बेहद प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, हरियाणा सरस्वती विरासत विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, भाजपा जिला अध्यक्ष तिजेंद्र सिंह गोल्डी, भाजपा नेता जयभगवान शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील राणा, डॉ. ऋषिपाल मथाना सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




