हरियाणा में 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं, जिससे राज्य में जमीन, मकान और दुकानों की खरीद-फरोख्त महंगी हो गई है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों और तहसीलों में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई है। जिन क्षेत्रों में संपत्ति की खरीद-फरोख्त ज्यादा होती है, वहां रेट में अधिक वृद्धि देखी गई है।
बताया जा रहा है कि अलग-अलग इलाकों में 15 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए गए हैं। कुछ स्थानों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को कम करके लागू किया गया है।
गुरुग्राम, सोनीपत, रोहतक, पानीपत, अंबाला और रेवाड़ी समेत कई जिलों में रिहायशी, व्यावसायिक और कृषि भूमि के दामों में बदलाव किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम बाजार दरों के अनुरूप कलेक्टर रेट तय करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। कलेक्टर रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिसके नीचे किसी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकता।
नए रेट लागू होने के बाद प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।




