गुड्डा-गुड्डी और लकड़ी कला के स्टॉल बने आकर्षण का केन्द्र
कुरुक्षेत्र, 25 नवम्बर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के तहत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा ब्रह्मसरोवर पर स्थापित हरियाणा पवेलियन पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में 24 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक लगाए गए इस पवेलियन में पारंपरिक हरियाणवी कला, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों की झलक देखने को मिल रही है।
पवेलियन में लगाए गए गुड्डा-गुड्डी, लकड़ी कला और पारंपरिक हस्तशिल्प के स्टॉलों ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। घर की शोभा बढ़ाने वाले गुड्डा-गुड्डी के स्टॉल पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसी के साथ स्वदेशी उत्पादों, स्टार्टअप यूनिटों और हरियाणवी परम्पराओं को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल भी चर्चा में हैं।
फाइन आर्ट्स विभाग, होम साइंस विभाग, आईआईएचएस, धरोहर संग्रहालय, सरस्वती नदी अनुसंधान केंद्र, यज्ञशाला तथा पगड़ी बंधवाओ फोटो क्लिकिंग स्टॉल भी पर्यटकों का ध्यान खींच रहे हैं। यहां आने वाले लोगों को हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, त्यौहारों, भाषा-बोली और स्थानीय जीवनशैली का नज़दीक से अनुभव मिल रहा है।
आयोजकों के अनुसार, हरियाणा पवेलियन का उद्देश्य विश्वभर से आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर पूरे हरियाणा की सांस्कृतिक झलक देना है। साथ ही, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी की भावना को बढ़ावा देते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों को अपने हुनर और कला को प्रदर्शित करने का मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है।




