कुरुक्षेत्र: हरिओम मंदिर एवं शास्त्री नगर सेवा समिति की ओर से बुधवार को शास्त्री नगर स्थित हरिओम मंदिर में अन्नकूट प्रसाद का भंडारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे में शास्त्री नगर सेवा समिति के पदाधिकारियों और भक्तों ने सेवा की। मंदिर परिसर में भक्तिभाव और उत्साह का माहौल बना रहा।
“सच्चे मन से की गई भक्ति से संकट दूर होते हैं” — पुजारी अरुण मिश्रा
मंदिर के पुजारी अरुण मिश्रा ने श्रद्धालुओं को अन्नकूट पर्व के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले भक्तों के संकट भगवान पलभर में दूर कर देते हैं।
उन्होंने कहा —
“जिस प्रकार संकट के समय भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक अंगुली पर उठाकर भक्तों की रक्षा की थी, उसी स्मृति में हर वर्ष गोवर्धन पूजा से पूर्व अन्नकूट बनाया जाता है।”
पुजारी ने बताया कि यह परंपरा गोकुल से शुरू हुई, जब इंद्र देवता के घमंड के कारण मूसलाधार वर्षा होने लगी और भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुल वासियों को सुरक्षित रखा। उसी दिन से अन्नकूट पर्व मनाने की परंपरा आरंभ हुई।
भंडारा एकता और भाईचारे का प्रतीक
शास्त्री नगर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा और एकता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया और आने वाले समय में भी इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प लिया।




