इंसाइट न्यूज 24 ,नई दिल्ली, 15 अगस्त — देश आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, लेकिन इस बार जश्न का रंग कुछ अलग है। राजधानी के इंडिया गेट से लेकर गांव की चौपाल तक, युवाओं ने देशभक्ति को सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रखा—बल्कि उसे कर्म में बदलने की ठानी है।
सुबह तिरंगा फहराने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की। छात्रा रिद्धिमा चौधरी ने कहा, “देश की आज़ादी का मतलब सिर्फ इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि भविष्य को संवारना भी है।”
इसी बीच, झारखंड के गुमला जिले में आदिवासी युवाओं ने पारंपरिक नृत्य के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और स्थानीय स्कूलों में बच्चों को संविधान की मूल बातें सिखाईं। “हम चाहते हैं कि अगली पीढ़ी सिर्फ आज़ाद भारत में जन्म न ले, बल्कि उसे समझे भी,” ग्राम प्रधान सोमरू उरांव ने कहा।
प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने संबोधन में युवाओं की इस पहल को सराहा और कहा, “देश की असली ताकत उसके युवा हैं, जो नारे नहीं, बदलाव लाते हैं।”
इस स्वतंत्रता दिवस पर देश ने न सिर्फ तिरंगे को सलामी दी, बल्कि एक नई सोच को भी जन्म दिया—जहां देशभक्ति सिर्फ भावना नहीं, जिम्मेदारी है।





