इंसाइट न्यूज 24 : भारत ने 2025 की पहली छमाही में ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अब तक सबसे बड़ी छलाँग लगाते हुए देश ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचाया है और जीवाश्म ईंधन पर अपनी पकड़ ढीली कर दी है।
नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सौर ऊर्जा में 25% और पवन ऊर्जा में 29% की वृद्धि हुई। इससे कुल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन लगभग 236 टेरावॉट-घंटे तक पहुँच गया, जो देश की बिजली खपत का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है। इसके चलते कोयले पर निर्भरता 3% और प्राकृतिक गैस पर निर्भरता 34% तक कम हुई।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ़ आयातित तेल और गैस पर निर्भरता घटाने का उपाय नहीं है, बल्कि घरेलू स्तर पर सौर पैनल, बैटरी और हरित तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इससे लाखों नई नौकरियों की संभावना और स्थानीय उद्योगों को मज़बूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले सालों में यदि यही रफ़्तार बरकरार रही तो भारत 2030 तक अपने स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पहले ही हासिल कर सकता है। यह न सिर्फ़ पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को हरित ऊर्जा नेतृत्व में अग्रणी बनाएगा।




