चंडीगढ़, 31 दिसंबर।
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ओपी सिंह ने सेवानिवृत्ति के दिन पुलिस बल के नाम एक भावुक पत्र जारी किया। 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ने अपने विदाई संदेश में सेवा के दौरान मिले अनुभवों को साझा करते हुए आने वाले समय के लिए अपराध नियंत्रण को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
सेवा को बताया जीवन का सफर
अपने पत्र में डीजीपी ओपी सिंह ने अपनी आईपीएस सेवा की तुलना एक लंबे सफर से की। उन्होंने लिखा कि 1992 में इस सफर की शुरुआत हुई थी और 31 दिसंबर 2025 इसका आखिरी पड़ाव है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नौकरी की यात्रा भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन जीवन का रास्ता आगे भी चलता रहेगा।
साथ काम करने वालों के प्रति कृतज्ञता
डीजीपी ने अपने संदेश में कहा कि सेवा के दौरान जिन-जिन लोगों से उनका संपर्क रहा, उन सभी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कवि अल्फ्रेड टेनिसन की प्रसिद्ध पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि हर मुलाकात ने उन्हें समृद्ध किया।
लेखन और समाज को लेकर विचार
ओपी सिंह ने बताया कि उन्हें लिखने का शौक हमेशा से रहा है और अब सेवानिवृत्ति के बाद वे इस रुचि को अधिक समय दे पाएंगे। उन्होंने समाज में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज की असली लड़ाई अराजकता और अपराध के खिलाफ है, जिसमें पुलिस की भूमिका बेहद अहम है।
हरियाणा पुलिस को बताया अपनी पहचान
अपने संदेश में डीजीपी ने कहा कि आईपीएस सेवा और हरियाणा पुलिस उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने संत कबीर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया।
अपराध रोकथाम पर जोर
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 में 2024 की तुलना में अपराध के मामलों में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन साल 2026 कानून-व्यवस्था के लिहाज से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि पुलिस बल को योजनाबद्ध ढंग से अपराध रोकथाम में लगाया जाए और हिंसक अपराधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।




