इंसाइट न्यूज 24, नई दिल्ली, 3 सितंबर : सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब सभी स्कूल शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। यह नियम नए अभ्यर्थियों के साथ-साथ सेवा में कार्यरत शिक्षकों पर भी लागू होगा।
हालाँकि, जो शिक्षक साल 2011 से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवानिवृत्ति में पाँच साल से कम का समय बचा है, वे बिना TET पास किए भी पढ़ा सकते हैं। लेकिन उन्हें पदोन्नति का लाभ तभी मिलेगा जब वे परीक्षा पास करेंगे।
इस आदेश से कई राज्यों, विशेषकर ओडिशा के वरिष्ठ शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब अचानक परीक्षा की बाध्यता लगाना अनुचित है। वहीं, कई शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर पुनर्विचार की माँग की है।
ओडिशा के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विस्तार से अध्ययन करेगी और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार अन्य राज्यों की नीतियों को भी ध्यान में रखेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने यह मुद्दा भी लंबित रखा है कि क्या यह नियम अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों पर भी लागू होगा। इस पर विचार के लिए मामला अब एक बड़ी संविधान पीठ को भेजा गया है।




