कुरुक्षेत्र, 12 दिसंबर। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों की जांच रिपोर्ट समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाए, ताकि शिकायतें दोबारा ओपन न हों और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कई शिकायतें इसलिए पेंडिंग हैं क्योंकि अधिकारियों द्वारा टिप्पणियां स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं की जातीं।
उपायुक्त ने बताया कि अब तक समाधान शिविर में कुल 6988 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4883 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। वहीं 1593 शिकायतें दस्तावेज अधूरे होने के कारण रिजेक्ट की गईं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर हर शिकायत से संबंधित विस्तृत जानकारी और जांच रिपोर्ट अपडेट हो, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सीएम विंडो पर 11822 शिकायतें, 11609 का समाधान
बैठक से पहले मत्स्य पालन और परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के उपायुक्तों को निर्देश दिए कि सीएम विंडो, एसएमजीटी, सीपीजीआरएएम और जन संवाद से संबंधित फ्लैगशिप प्रोग्राम में कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए और समय पर ATR (Action Taken Report) पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।
वीसी के बाद डीसी मीणा ने बताया कि सीएम विंडो पर अब तक 11822 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 11609 शिकायतों का समाधान हो चुका है। वर्तमान में 144 शिकायतें ओवरड्यू हैं और 183 शिकायतें इन-एक्शन में हैं।
अधिकारी समय पर एटीआर अपलोड करें: डीसी
उपायुक्त ने कहा कि अधिकारी समय पर ATR अपलोड करें और जो शिकायतें दोबारा खुली हैं उनसे संबंधित प्रार्थियों को समाधान शिविर में बुलाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है, उन्हें जांच रिपोर्ट के आधार पर तुरंत प्रभाव से रिजेक्ट कर पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाए।
सोमवार और गुरुवार को लगते हैं समाधान शिविर
डीसी ने बताया कि सोमवार और वीरवार को जिला एवं उपमंडल स्तर पर नियमित रूप से समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं भी जुड़कर प्रदेश के विभिन्न जिलों की शिकायतों की सुनवाई करते हैं और समाधान प्रक्रिया की समीक्षा करते हैं।
बैठक में एसडीएम अनुभव मेहता, डीएमसी अमन कुमार, नगराधीश आशीष कुमार, डीआरओ चेतना चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




