शाहबाद, 28 नवंबर। चार दिवसीय जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह का शुभारम्भ शुक्रवार को गीता विद्या मंदिर स्कूल में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता सुभाष कलसाना ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता जीवन जीने की कला सिखाती है। यदि युवा पीढ़ी गीता के ‘कर्मयोग’ संदेश को अपने जीवन में अपनाए, तो वे कठिन परिश्रम और सही दिशा से अपनी मंजिल अवश्य प्राप्त कर सकते हैं।
कलसाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और श्रीमद्भगवद गीता सहित मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि शाहबाद में पहली बार जिला स्तरीय गीता जयंती का आयोजन होना सौभाग्य की बात है। गीता व्यक्ति को भ्रम की स्थिति में सही मार्ग दिखाती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की तैयारियों की भी सराहना की।
इस अवसर पर शाहबाद की उपमंडल अधिकारी (नागरिक) चिनार चहल ने अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि गीता जयंती समारोह 1 दिसंबर तक चलेगा।
कार्यक्रम में आयोजित जिला स्तरीय गीता सेमिनार में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरके देसवाल ने ‘कर्मयोग’ पर व्याख्यान देते हुए कहा कि निष्काम कर्म—बिना फल की इच्छा के पूरी निष्ठा से कर्तव्य पालन—मोक्ष का मार्ग है। उन्होंने बताया कि कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग मोक्ष प्राप्ति के तीन प्रमुख रास्ते हैं।
वहीं, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ही प्रोफेसर सीडीएस कौशल ने ‘ज्ञानयोग’ पर बोलते हुए कहा कि ज्ञानयोग का अर्थ है स्वयं को जानना। उन्होंने कहा कि आत्मज्ञान तभी संभव है जब व्यक्ति अपने शरीर, इंद्रियों और उनके स्वभाव को समझता है, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से बाहरी और आंतरिक ज्ञान प्राप्त होता है।
कार्यक्रम का संचालन एआईपीआरओ बलराम शर्मा ने किया। समापन पर स्कूल की प्रिंसिपल निशा गोयल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। मुख्य अतिथियों और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर नगर पालिका चेयरमैन गुलशन क्वात्रा, जीओ गीता के प्रधान संजय गुप्ता, सचिव राजन सपड़ा, अमित सिंगल, दीपक आनंद, इशू सचदेवा, पार्षदगण, गणमान्य व्यक्ति व बड़ी संख्या में स्कूली छात्र उपस्थित रहे।




