दूर बैठकर अपराध चला रहे गिरोह
हरियाणा में सक्रिय कई आपराधिक गिरोह अब देश से बाहर रहकर ही वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ये गैंगस्टर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपने साथियों को निर्देश देते हैं और अपराधों की पूरी योजना वहीं से तैयार करते हैं।
युवाओं को जाल में फंसाने की नई तरकीब
पुलिस के अनुसार गैंगस्टर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं से संपर्क करते हैं। पहले छोटे कामों और पैसों के लालच से उन्हें जोड़ते हैं, फिर धीरे-धीरे उन्हें गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है।
फर्जी प्रोफाइल और वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल
अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली सोशल मीडिया अकाउंट, फर्जी नाम और वर्चुअल मोबाइल नंबरों का उपयोग करते हैं। इससे उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो जाता है और वे आसानी से पुलिस की नजरों से बचे रहते हैं।
डिजिटल माध्यम से मिलते हैं निर्देश
गैंगस्टर इंटरनेट कॉलिंग, मैसेजिंग ऐप और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने नेटवर्क को निर्देश देते हैं। इसी माध्यम से फिरौती, धमकी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
पुलिस की सख्त निगरानी और कार्रवाई
हरियाणा पुलिस और विशेष जांच टीमें ऐसे डिजिटल नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही हैं। कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है ताकि विदेश में बैठे अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
जागरूकता से ही रोका जा सकता है अपराध
पुलिस ने युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध संपर्क से सावधान रहें। जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने का सबसे प्रभावी तरीका है।




