इंसाइट न्यूज 24 : भारत की विदेश नीति से जुड़ा एक अहम फैसला सामने आया है। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की उच्च स्तरीय सामान्य बहस में हिस्सा नहीं लेंगे। उनकी जगह भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र की संशोधित वक्ताओं की सूची में यह बदलाव साफ तौर पर दिखा। आमतौर पर हर साल भारत के प्रधानमंत्री इस वैश्विक मंच पर देश की ओर से विचार रखते हैं, लेकिन इस बार रणनीतिक कारणों से अलग व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं और बदलती वैश्विक परिस्थितियों का संकेत हो सकता है। वहीं, विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत की आवाज़ और दृष्टिकोण पूरी गंभीरता के साथ दुनिया के सामने रखा जाएगा।
कूटनीति के जानकार इसे भारत की लचीली विदेश नीति और बदलते वैश्विक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।




