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राष्ट्रीय एकता शिविर युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और एकता की भावना सीखने का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता हैः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत राष्ट्रीय एकता शिविर का शुभारंभ, 17 राज्यों से पहुंचे 200 स्वयंसेवक

कुरुक्षेत्र, 12 नवम्बर। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर का शुभारंभ सोमवार को हवन के साथ हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डीन छात्र कल्याण प्रो. ए. आर. चौधरी उपस्थित रहे।

शिविर में देश के 17 राज्यों से 200 स्वयंसेवक और 20 कार्यक्रम अधिकारी भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य युवाओं में डिजिटल साक्षरता, राष्ट्रीय एकता, सेवा और नेतृत्व भावना को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम की शुरुआत हवन से हुई, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा और हवन की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्वता के बारे में बताया गया।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता शिविर युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और एकता की भावना सीखने का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “सच्चा सुख दूसरों की मदद करने में है, और हर स्वयंसेवक को ‘Not Me, But You’ के भाव को अपने जीवन का मार्गदर्शन बनाना चाहिए।”

कुलपति ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के NSS स्वयंसेवकों द्वारा सड़क दुर्घटनाओं, कोविड-19 महामारी और बाढ़ के समय किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने भगवद्गीता के कर्मयोग सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की यह भूमि हमें निःस्वार्थ भाव से कार्य करने की प्रेरणा देती है।

विशिष्ट अतिथि प्रो. ए. आर. चौधरी ने कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्वता पर प्रकाश डालते हुए सरस्वती नदी के उद्गम स्थल के रूप में इसकी पहचान बताई।

सांस्कृतिक संध्या में विभिन्न राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने अपनी-अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से वातावरण को रंगीन बना दिया। महाराष्ट्र की समूह नृत्य प्रस्तुति, झारखंड का स्वागत गीत, कर्नाटक का सेमी-क्लासिकल गीत और असम की एकल नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आनंद ने शिविर की रूपरेखा बताते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों के ठहरने, भोजन और अन्य गतिविधियों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। शिविर के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन किया जाएगा।

अंत में उप-समन्वयक डॉ. नीरज बातिश ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों, कार्यक्रम अधिकारियों और आयोजन टीम की सराहना करते हुए हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशालय और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रो. ए.आर. चौधरी, अमनदीप कौर, भुनेश्वर लाल साहू, महेश कुमार, पी. वर्मा, शरबत हुसैन, नमनि भुइंयां, कविता मेहता, डॉ. ज्योति, डॉ. निधि माथुर सहित अनेक अधिकारी, शिक्षक और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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