इंसाइट न्यूज 24: भारत के पूर्व रिज़र्व बैंक गवर्नर और प्रख्यात अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उनका कहना है कि भारत केवल सतही और छोटे-मोटे बदलावों के सहारे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे नहीं बढ़ सकता। अगर देश को अमेरिका और चीन जैसे देशों की बराबरी करनी है, तो नीतिगत स्तर पर मूलभूत सुधार करना ज़रूरी होगा।
राजन ने स्पष्ट किया कि भारत की आर्थिक वृद्धि के सामने शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक उत्पादन जैसे क्षेत्रों में गंभीर चुनौतियाँ मौजूद हैं। केवल टैक्स या ब्याज दरों में हल्के-फुल्के बदलाव से आम जनता और उद्योगों को स्थायी राहत नहीं मिल सकती। उन्होंने ज़ोर दिया कि सरकार को रोजगार सृजन, अनुसंधान, ग्रामीण विकास और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को और सरल बनाने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में दुनिया में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ी से बढ़ती दौड़ है, ऐसे में भारत को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नवाचार-आधारित विकास मॉडल अपनाना ही होगा।
राजन का यह संदेश उस समय आया है जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और आर्थिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह चेतावनी भारत के लिए एक दिशा-निर्देश की तरह है, जो यह बताती है कि यदि अब ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में भारत अपनी विकास गति को बनाए रखने में कठिनाई का सामना कर सकता है।




