इंसाइट न्यूज 24, कुरुक्षेत्र, 5 सितंबर : शिक्षक दिवस पर जब देशभर में गुरुजनों को सम्मानित किया जा रहा था, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गेस्ट और पार्ट टाइम प्रोफेसरों ने खुद को समारोह से बाहर पाए जाने पर गहरा रोष जताया। उनका सवाल था सीधा: “जब योगदान बराबर है, तो सम्मान में भेदभाव क्यों?”
शुक्रवार को कुलपति निवास पर आयोजित विशेष सम्मान समारोह में नियमित और अनुबंधित शिक्षकों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, लेकिन विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में वर्षों से सेवा दे रहे गेस्ट और पार्ट टाइम प्रोफेसरों को निमंत्रण सूची में शामिल नहीं किया गया।
इन शिक्षकों का कहना है कि वे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्यों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में बराबर भागीदार रहे हैं। फिर भी, उन्हें हर बार नजरअंदाज किया जाता है — जिससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय-समय पर उनके योगदान को भूल जाता है, जबकि वे किसी भी स्थायी शिक्षक की तरह विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में पीछे नहीं हैं।
उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सभी शिक्षकों को समान रूप से शामिल किया जाए और शिक्षक दिवस के मूल उद्देश्य — सभी शिक्षकों को सम्मान देना — को सही मायनों में पूरा किया जाए।




