इंसाइट न्यूज 24 ,लखनऊ: लखनऊ में स्थित यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस में देश की पहली ड्रोन फोरेंसिक प्रयोगशाला की शुरुआत की गई है। यह प्रयोगशाला अपराधों की जांच और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक तकनीक से और अधिक मज़बूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस नई सुविधा के ज़रिए अब किसी भी ड्रोन की तकनीकी जांच आसानी से हो सकेगी। यहाँ यह पता लगाया जा सकेगा कि ड्रोन किस दिशा से आया, उसकी उड़ान कितनी दूर तक रही, उसका स्रोत क्या है, उसमें किस प्रकार का पेलोड (Payload) या सामग्री लगी थी और क्या उसका इस्तेमाल किसी खतरनाक गतिविधि में किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस लैब से आतंकी गतिविधियों, सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी, संवेदनशील इलाकों में निगरानी और अन्य अपराधों की जांच में बड़ी मदद मिलेगी। पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए यह सुविधा बेहद कारगर साबित होगी क्योंकि अब उन्हें ड्रोन से जुड़ी अहम जानकारियाँ तुरंत मिल सकेंगी।
प्रदेश सरकार का कहना है कि यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इस तरह की आधुनिक फोरेंसिक प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह पहल डिजिटल और तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा दोनों को नया आयाम मिलेगा।




