बुजुर्गों का दावा— पेंशन बहाली का श्रेय इनेलो के आंदोलन को
यमुनानगर, 20 फरवरी।
प्रदेश में कुछ सप्ताह पूर्व लगभग 70 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों की बुढ़ापा, विधवा एवं विकलांग पेंशन अस्थायी रूप से रोके जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब थमता नजर आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा जांच के नाम पर रोकी गई पेंशनों को हाल ही में बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही पेंशन राशि में 200 रुपये की वृद्धि भी की गई है।
पेंशन बहाली के बाद शुक्रवार को यमुनानगर में सैकड़ों बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के कार्यालय पहुंचे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला के प्रति आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि पेंशन रोके जाने के मुद्दे पर इनेलो ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की थी। पार्टी की ओर से 20 फरवरी तक पेंशन बहाल न होने पर पंचकूला में रैली करने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद सरकार ने रोकी गई पेंशनों को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया।
इनेलो कार्यालय में पहुंचे बुजुर्गों का स्वागत पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इस अवसर पर पार्टी के विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानित किया।
पत्रकारों से बातचीत में बुजुर्गों ने कहा कि बुढ़ापा पेंशन की शुरुआत पूर्व उपप्रधानमंत्री एवं जननायक देवीलाल द्वारा की गई थी। उनका कहना था कि उस समय 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्ग बिना किसी भेदभाव के पात्र माने जाते थे।
कुछ बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि समय-समय पर नियमों में बदलाव के कारण कई पात्र व्यक्तियों की पेंशन बंद हुई। हालांकि, हालिया बहाली के बाद उन्होंने संतोष व्यक्त किया और इसे जनदबाव का परिणाम बताया।




