मुंबई : शहर की क्राइम ब्रांच ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो नकली विवाह प्रमाणपत्रों और फर्जी फौजी पहचान के जरिये मानव तस्करी को अंजाम दे रहा था। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य युवतियों को विदेश भेजने का लालच देकर उनकी जबरन शादी फर्जी “फौजी दूल्हों” से कराते थे। इन विवाहों का इस्तेमाल वे अवैध रूप से विदेश भेजने के दस्तावेज़ तैयार करने के लिए करते थे।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क को एक ट्रैवल एजेंट चला रहा था, जो कथित रूप से प्रति व्यक्ति करीब 25 लाख रुपये वसूलता था। गिरोह में शामिल दो युवकों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पिछले एक साल से सक्रिय था और अब तक कई महिलाओं को झूठे वादों में फंसा चुका है। जब पीड़िताओं में से एक ने धोखाधड़ी की शिकायत की, तब जाकर मामला खुला।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि गिरोह के अन्य सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े हो सकते हैं।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विदेश नौकरी या विवाह के नाम पर किसी भी एजेंट या संस्था को बिना सत्यापन पैसा न दें।




