महेंद्रगढ़ जिले के कनीना नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और दो बार प्रधान रह चुके राजेंद्र सिंह लोढ़ा (लगभग 79 वर्ष) की रेवाड़ी में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दुर्घटना गुरुवार शाम उस समय हुई, जब वे एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए कार से जा रहे थे। हादसे में उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
रेवाड़ी में बस ने मारी टक्कर
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका के वार्ड 14 के पार्षद राजेंद्र सिंह लोढ़ा अपनी कार से रेवाड़ी से राजस्थान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बस ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों घायलों को तुरंत रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने देर रात राजेंद्र लोढ़ा को मृत घोषित कर दिया। आज रेवाड़ी में पोस्टमार्टम के बाद कनीना में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कनीना में बाजार और स्कूल रहे बंद
घटना की खबर मिलते ही कनीना कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि दी। कई निजी शिक्षण संस्थान भी बंद रहे।
राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
राजेंद्र सिंह लोढ़ा की पुत्रवधु डॉ. रिम्पी यादव वर्तमान में कनीना नगर पालिका की चेयरपर्सन हैं। उनके तीन बेटे—होशियार सिंह, सुभाष और जेपी लोढ़ा—सामाजिक और शिक्षा क्षेत्रों से जुड़े हैं। होशियार और सुभाष कनीना में जीएल स्कूल नाम से निजी स्कूल चलाते हैं जबकि जेपी लोढ़ा वकालत करते हैं।
तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा
राजेंद्र सिंह लोढ़ा ने कनीना विधानसभा क्षेत्र से तीन बार चुनाव लड़ा। उन्होंने 1991 में चौधरी देवीलाल की समता पार्टी, 1996 में आईएनएलडी और उसी वर्ष बसपा से चुनाव लड़ा, हालांकि वे जीत दर्ज नहीं कर पाए।
दो बार रहे नगर पालिका के चेयरमैन
वे 1987 से 1991 और फिर 1995 से 2000 तक कनीना नगर पालिका के चेयरमैन रहे। एक बार वे कनीना मार्केट कमेटी के चेयरमैन भी बने थे।




