इंसाइट न्यूज 24: भारत सरकार ने देश में महंगाई की गणना की पद्धति में अहम सुधार की तैयारी की है। अब तक महंगाई के आँकड़े मुख्य रूप से बाजार और थोक स्तर से जुटाए जाते थे, लेकिन आने वाले समय में इसमें ई-कॉमर्स कंपनियों जैसे Amazon और Flipkart से मिलने वाले ताज़ा मूल्य डेटा को भी शामिल किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार को महँगाई की ज़मीनी और वास्तविक तस्वीर ज्यादा साफ़ मिलेगी, क्योंकि ऑनलाइन खरीदारी आज के दौर में उपभोक्ताओं की बड़ी आबादी के जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
साथ ही, सरकार एक नया “सेवा सूचकांक” (Services Index) भी लाने जा रही है। अभी तक महँगाई के आँकड़ों में सेवा क्षेत्र (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रांसपोर्ट, होटल-रेस्टोरेंट) का पूरा योगदान सही तरीके से शामिल नहीं हो पाता था। यह नया कदम महंगाई को समझने में अधिक पारदर्शिता और सटीकता लाएगा।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि इस बदलाव से नीतिगत फैसले लेना आसान होगा—चाहे वह ब्याज दरों को लेकर रिज़र्व बैंक का निर्णय हो या फिर आम जनता के लिए राहत से जुड़े कदम।
कुल मिलाकर, आने वाले समय में भारत की महंगाई की गणना और आधुनिक, तकनीकी और ज़मीनी हकीकत से जुड़ी हुई दिखेगी।




